गणेश ने बुद्धि की दौड़ कैसे जीती?
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गणेश और कार्तिकेय की इस कथा में संसार की परिक्रमा की दौड़ शुरू होती है। कार्तिकेय मोर पर निकलते हैं, जबकि गणेश माता-पिता को अपना संसार मानकर उनकी तीन परिक्रमाएँ करते हैं। शिव-पार्वती उन्हें दिव्य फल देते हैं; यह Short गति के साथ बुद्धि और प्रेम का महत्व दिखाता है।
पूरी कहानी देखें:
https://youtu.be/gcrTVkvCQ-c
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#Ganesh #Shorts #KiddoTunesStudio
Hindi transcript
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एक दौड़ पूरे संसार की परिक्रमा का। बड़े भाई कार्तिकेय अपने मोर पर आकाश में ओढ़ चले। पर गणेश की सवारी थी एक नन्हा मूषक। तो गणेश ने क्या किया? गणेश ने एक गहरी बात समझ ली। एक बालक के लिए उसके माता-पिता ही उसका पूरा संसार होते हैं। तो उन्होंने प्रेम से अपने माता-पिता की तीन परिक्रमाएं की और शिव और पार्वती ने प्रेम से वह दिव्य फल गणेश के हाथों में रख दिया।
बुद्धि और प्रेम ने गति को हरा दिया। पूरी कहानी देखने के लिए चैनल पर जाएं।