Jhootha Gadariya: The Boy Who Cried Wolf for Kids
About this video
“झूठा गड़रिया” की इस कहानी में अकेले भेड़ चराते भीमा को एक शरारत सूझती है। वह भेड़िया आने की झूठी पुकार लगाता है और मदद के लिए दौड़े गाँववालों पर हँसता है। जब यही बात फिर दोहराता है, लोगों का विश्वास टूटने लगता है।
एक दिन सचमुच भेड़िया आता है, लेकिन इस बार उसकी पुकार पर कोई भरोसा नहीं करता। झूठा गड़रिया की इस हिंदी कहानी में नुकसान केवल भेड़ों का नहीं, विश्वास का भी है। कथा दिखाती है कि बार-बार किया गया मजाक सच्ची जरूरत के समय सहायता का रास्ता कैसे बंद कर देता है।
Chapters
0:00 Alone on the Hillside
0:21 A Mischievous Idea
0:37 The Villagers Run Up
1:03 He Lies Again
1:41 A Real Wolf Appears
1:58 Nobody Comes
2:20 The Real Lesson
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Hindi transcript
The narration as spoken, from the caption track uploaded with this video.
- 0:04.121 यह पंचतंत्र की एक बहुत मजेदार और सीख से भरी पुरानी कहानी है।
- 0:09.163 भीमा नाम का एक छोटा गड़ेरिया एक हरे-भरे गाँव में रहता था।
- 0:13.204 वह रोज़ अपनी भेड़ों को लेकर पास वाली पहाड़ी पर घास चराने जाता था।
- 0:18.246 दिन भर वह उस सुनसान चरागाह में अकेला ही बैठा रहता था।
- 0:22.288 धीरे-धीरे अकेलेपन के कारण उसका मन बहुत ऊबने लगता था।
- 0:27.329 एक दिन बैठे-बैठे उसके शरारती मन में एक नटखट खुराफात सूझी।
- 0:32.371 उसने सोचा कि क्यों न मजे के लिए सारे गाँव वालों को बुलाया जाए।
- 0:36.413 यह सोचते ही भीमा खड़ा हुआ और जोर-जोर से चिल्लाने लगा।
- 0:40.454 बचाओ, बचाओ, भेड़िया आ गया, वह मेरी भेड़ों को खा रहा है।
- 0:44.496 भीमा की घबराई हुई आवाज़ सुनकर गाँव वाले दौड़ते हुए पहाड़ी की ओर आए।
- 0:49.538 वे सब हाथों में लाठी-डंडे लेकर हाँफते हुए ऊपर चरागाह तक पहुँचे।
- 0:54.579 पर वहाँ तो कोई भेड़िया नहीं था, सब भेड़ें आराम से घास चर रही थीं।
- 0:59.621 गाँव वालों को परेशान देख भीमा जोर-जोर से हँसने लगा।
- 1:03.663 अरे, मैं तो बस मजाक कर रहा था, यहाँ तो कोई भेड़िया आया ही नहीं।
- 1:08.704 गाँव वाले उसे भला-बुरा कहते हुए वापस अपने-अपने घरों को लौट गए।
- 1:13.746 कुछ दिन बाद भीमा ने फिर से वही शरारत दोहराने की ठान ली।
- 1:17.788 वह पहले से भी तेज़ आवाज़ में मदद के लिए चिल्लाने लगा।
- 1:21.829 बचाओ, बचाओ, सच में भेड़िया आ गया, जल्दी मेरी मदद करो।
- 1:26.871 इस बार उसकी आवाज़ सुनकर गाँव के थोड़े से ही लोग ऊपर आए।
- 1:30.913 पर ऊपर पहुँचकर उन्होंने देखा कि वहाँ फिर कोई खतरा नहीं था।
- 1:34.954 अरे माफ़ करना, मैं तो आज भी आपके साथ सिर्फ़ हँसी-मजाक ही कर रहा था।
- 1:39.996 अब गाँव वाले भीमा की इस झूठी आदत से बहुत चिढ़ने लगे।
- 1:44.038 यह लड़का रोज़ झूठ बोलकर हम सबका कीमती समय बर्बाद करता है।
- 1:49.079 सब लोग नाराज़ होकर उससे मुँह फेरकर वापस गाँव लौट गए।
- 1:53.121 कुछ दिनों बाद भीमा हमेशा की तरह भेड़ों को चराने पहाड़ी पर गया।
- 1:57.163 तभी अचानक झाड़ियों के पीछे से सचमुच एक असली भेड़िया निकल आया।
- 2:01.204 उसे देखते ही सारी भेड़ें डरकर इधर-उधर भागने और बिखरने लगीं।
- 2:06.246 यह सच्चा खतरा देखकर भीमा घबरा गया और मदद के लिए चीखने लगा।
- 2:11.288 बचाओ, बचाओ, इस बार सच में भेड़िया आया है, कोई तो आओ।
- 2:15.329 उसकी आवाज़ दूर गाँव तक गूँजती रही, पर कोई भी मदद को नहीं आया।
- 2:20.371 गाँव वालों ने सोचा कि यह शरारती लड़का फिर से झूठा मजाक कर रहा होगा।
- 2:25.413 इसलिए इस बार कोई भी उसकी पुकार सुनकर पहाड़ी की ओर नहीं आया।
- 2:30.454 भीमा बेबस होकर देखता रहा और उसकी सारी भेड़ें दूर जंगल में भाग गईं।
- 2:35.496 उस दिन भीमा को अपनी झूठी शरारतों पर बहुत पछतावा हुआ।
- 2:39.538 सच्ची सीख यही है कि किसी को एक बार बहलाया जा सकता है, बार-बार नहीं।
- 2:45.579 अगर यह कहानी अच्छी लगी हो, तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब ज़रूर करें।