Udhar Ka Bojh | The Debt That Made Tenali Rama Ill
About this video
तेनालीराम राजा से लिया उधार समय पर वापस नहीं कर पाते। उनकी परेशानी बढ़ती है और फिर उनके गंभीर बीमार होने की खबर दरबार तक पहुँचती है। राजा हाल पूछने आते हैं और कर्ज माफ करने की बात कहते हैं।
इसके तुरंत बाद तेनालीराम का उठ बैठना कथा का हास्यपूर्ण मोड़ बनता है। उधार का बोझ की इस हिंदी कहानी में चिंता और राहत को चतुर संवाद से दिखाया गया है। राजा की हैरानी और तेनालीराम का उत्तर इस दरबारी प्रसंग को हँसी के साथ पूरा करते हैं।
Chapters
0:00 A Loan Comes Due
0:26 The Weight of Worry
1:00 A Sudden Illness
1:36 The King Visits
2:05 A Miracle Recovery
KiddoTunes Studio पर हिंदी कहानियाँ, लोककथाएँ और पौराणिक कथारूपांतरण देखें।
चैनल: https://www.youtube.com/@KiddoTunesStudio
Instagram: https://www.instagram.com/kiddotunesstudio/
Facebook: https://www.facebook.com/profile.php?id=61586698360805
#TenaliRamaUdharKaBojh #HindiKahani #KiddoTunesStudio
Hindi transcript
The narration as spoken, from the caption track uploaded with this video.
- 0:04.121 यह तेनालीराम की एक बहुत मजेदार और बुद्धिमानी से भरी कहानी है।
- 0:09.163 राजा कृष्णदेव राय के दरबार में तेनालीराम अपनी चतुराई के लिए मशहूर थे।
- 0:14.204 तेनालीराम किसी भी मुश्किल समस्या का हल पल भर में निकाल देते थे।
- 0:19.246 एक बार तेनालीराम के घर में अचानक धन की बड़ी कमी पड़ गई।
- 0:23.288 उनकी पत्नी ने सुझाव दिया कि राजा से कुछ धन उधार ले लिया जाए।
- 0:27.329 पत्नी के कहने पर तेनालीराम राजा से कुछ स्वर्ण मुद्राएँ उधार ले आए।
- 0:32.371 धीरे-धीरे समय बीतता गया, पर तेनालीराम राजा का धन लौटा नहीं पाए।
- 0:37.413 तय समय आने पर भी उनके पास लौटाने के लिए धन नहीं था।
- 0:41.454 इस उधार की चिंता तेनालीराम के मन पर बोझ बनकर बैठ गई।
- 0:46.496 तब तेनालीराम ने राजा का धन टालने के लिए एक चतुर योजना बनाई।
- 0:51.538 उन्होंने अपने छोटे बेटे के हाथ राजा के पास एक पत्र भिजवाया।
- 0:56.579 उस पत्र में लिखा था कि तेनालीराम इन दिनों बहुत बीमार चल रहे हैं।
- 1:01.621 राजा कृष्णदेव राय तेनालीराम की चतुराई से भली-भाँति परिचित थे।
- 1:06.663 तेनालीराम कई दिनों से दरबार नहीं आया, चलो उसके घर चलकर देखते हैं।
- 1:11.704 कहीं धन लौटाने से बचने के लिए वह कोई बहाना तो नहीं बना रहा।
- 1:15.746 यह सोचकर राजा स्वयं तेनालीराम के घर की ओर चल पड़े।
- 1:19.788 वहाँ पहुँचकर राजा ने देखा कि तेनालीराम खाट पर कंबल ओढ़े लेटे हैं।
- 1:24.829 तेनालीराम की पत्नी ने राजा को आदर-सम्मान के साथ आसन पर बिठाया।
- 1:29.871 बताओ देवी, हमारे चतुर तेनाली को आखिर अचानक हुआ क्या है?
- 1:34.913 महाराज, शायद आपका धन न लौटा पाने की चिंता से ये बीमार पड़ गए हैं।
- 1:39.954 पत्नी की यह बात सुनकर राजा का मन करुणा से भर उठा।
- 1:43.996 राजा ने तेनालीराम के सिर पर स्नेह से हाथ फेरते हुए कहा।
- 1:48.038 तुम्हें मेरा धन लौटाने की कोई जरूरत नहीं, सारी चिंता छोड़ दो।
- 1:53.079 जल्दी से स्वस्थ हो जाओ और फिर पहले की तरह दरबार में आओ।
- 1:57.121 राजा की यह बात सुनते ही तेनालीराम झट से उठ खड़े हुए।
- 2:01.163 उन्होंने ओढ़ा हुआ कंबल फेंका और हँसते हुए खाट से नीचे कूद पड़े।
- 2:06.204 फिर तेनालीराम ने मुस्कुराते हुए राजा को आदर के साथ प्रणाम किया।
- 2:11.246 इसका मतलब तुम बीमार नहीं थे, तुम तो मुझे मूर्ख बना रहे थे।
- 2:16.288 नहीं-नहीं महाराज, मेरी इतनी हिम्मत कहाँ कि मैं आपको मूर्ख बनाऊँ।
- 2:20.329 राजा कुछ नाराज़ स्वर में बोले, पर तेनालीराम शांत भाव से मुस्कुराते रहे।
- 2:26.371 महाराज, मैं तो आपके उधार के भारी बोझ तले दबा हुआ था।
- 2:30.413 उसी चिंता के कारण मैं सचमुच बीमार और कमजोर पड़ गया था।
- 2:34.454 जैसे ही आपने मेरा कर्ज माफ किया, मैं फिर से स्वस्थ हो गया।
- 2:38.496 तेनालीराम की यह चतुराई भरी बात सुनकर राजा कुछ कह न सके।
- 2:43.538 इस कहानी का संदेश यही है कि चतुराई से बड़ी से बड़ी मुश्किल हल हो जाती है।
- 2:48.579 अगर यह कहानी अच्छी लगी हो, तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें।